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दोषपूर्ण...कुछ तो दोष है।

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मैं भेड़िया की कॉमिक्स का फैन कभी नहीं रहा। केवल संग्रह करने के लिए मैंने उसकी कुछ कॉमिक्स खरीद के रखी हुई हैं। लेकिन जब मैंने अमर प्रेम श्रृंखला को पूरी तरह से पढ़ा तो मैं मंत्रमुग्ध रह गया। इसके अलावा डोमा, भील, भागो पागल आया इत्यादि कुछ अंक मुझे पसंद आए। इसलिए मुझे भेड़िया की कहानियो, किरदारों एवं अन्य महत्वपूर्ण प्रकरणों की ज्यादा जानकारी नहीं है।  हाल ही में भेड़िया के अपने छोटे से कलेक्शन में मैंने राज कॉमिक्स बाय संजय गुप्ता द्वारा प्रकाशित नए कॉमिक्स दोषपूर्ण को जोड़ा। मुझे इस कॉमिक्स का लुक काफी आकर्षक लगा और मैंने इस कहानी को काफी इंजॉय भी किया। लेकिन कुछ कारणों से यह कॉमिक्स अपने नाम को चरितार्थ करती है। तो बिना किसी लाग लपेट के और बिना कोई अन्य समय बर्बाद किए आइए करते हैं इस कॉमिक्स का dissection। 1. कथानक भेड़िया का यह कॉमिक्स भेड़िया की कहानी कम पड़ने वाले मेरे जैसे पाठक के लिए एक सिर दर्द भी बन सकता है। कुछ प्रश्न जैसे कि कोबी और भेड़िया पुनः एक कब हुए तथा जेन की मृत्यु कब हुई, यह प्रश्न एक नए पाठक को परेशान कर सकते हैं। बेहतर होता अगर इस कॉमिक्स में इन म...

An old debt to settle...fan fiction story review

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वैसे तो मेरा ब्लॉग है कॉमिक्स की समीक्षा के लिए बनाया गया किंतु आज फेसबुक पर बने एक मित्र श्री प्रदीप बरनवाल जी के आग्रह पर मैंने उनकी लिखी एक फैन मेड कहानी पढ़ने का निर्णय लिया। यह कहानी एक किरदार के इर्द-गिर्द लिखी गई जिसकी कॉमिक शायद एक्स फाइल और आरडीएक्स के बाद मल्टीस्टारर के रूप में पढ़ी है। यह किरदार है तिरंगा।  तिरंगा जब राज कॉमिक्स ने लांच किया था तब वह मेरे पसंदीदा किरदारों में से एक था, लेकिन एक समय ऐसा आया जब राज कॉमिक्स ने कॉमिक छापने की अमरीकी मशीन फुल स्पीड पर चालू कर दी और हर महीने दो से तीन सेट, जिनमें हर सेट में पांच से छह कॉमिक्स होती थी निकालने लगी। अब एक school going छात्र के लिए इतनी कॉमिक खरीदना संभव नहीं, इसलिए मुझे तिरंगा की कॉमिक्स कुर्बान करनी पड़ी।  इस वजह से मुझे ज्योति, ज्वाला, विशनखा, हवलदार इन सभी किरदारों की ज्यादा जानकारी या कहे तो कोई भी जानकारी नहीं थी, किंतु प्रदीप बरनवाल द्वारा लिखी गई इस फैनफिक्शन महागाथा ने मेरे मन में तिरंगा की समस्त कॉमिक्स खरीदने और उन्हें पढ़ने का कीड़ा छोड़ दिया है।  आप में से जिन लोगों ने यह फैनफिक्शन कॉमिक्स नह...

आदिपर्व...स्वर्णिम युग में वापसी का द्वार

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कहानियों का संसार बेहद विचित्र लेकिन अंत हीन होता है खास करके जब बात हो रही हो कॉमिक्स की। कॉमिक्स की दुनिया में कब क्या हो जाए या कहा नहीं जा सकता और जो हो रहा है उसको झुठलाया भी नहीं जा सकता। कहानियों की एक कमी भी होती है अगर किसी कहानी को बहुत लंबा खींचा जाए तो धीरे-धीरे करके उसमें नीरसता का संचार होने लगता है। कुछ ऐसा ही राज कॉमिक्स के मुख्य किरदार नागराज की कहानियों में होने लगा था। खजाने की खोज के बाद शुरू हुआ विश्व रक्षक नागराज का सफर धीरे धीरे एक दायरे में बंधना शुरू हो गया था। अब अगर यह कोई सच्ची कहानी होती है तो इसमें बदलाव करना असंभव होता लेकिन यह कल्पनाओं का संसार है, यहां पर मात्र कल्पनाओं को पंख देने की जरूरत है और वह अनंत आकाश में किस दिशा में उड़ान भर लेंगे यह कई बार लेखक भी नहीं सोच पाता है। इसी प्रकार विश्व रक्षक नागराज की कहानियों में उत्पन्न हो रही नीरसता को भंग करने के लिए पहले आतंक हरता और उसके पश्चात एक नए आयाम के नरक नाशक नागराज की रचना, हमारे देसी stan lee श्री संजय गुप्ता जी की कल्पना शक्ति से हुई। बदलाव के साथ भी एक समस्या होती है की वह अधिकतर लोगों को पसंद न...

Born in Blood... Forgotten pages of Doga's origin.

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डोगा भारतीय कॉमिक्स जगत का सबसे अनूठा किरदार है। कुछ लोग बोलेंगे की यह Punisher की कॉपी है तो भाई हर बंदूक उठाने वाला आदमी एक नही होता। ऐसे तो रेम्बो भी punisher की कॉपी हुआ। अरे भाई back story भी तो देखो।  खैर ICUFC लेवल के इस विवाद में न जाते हुए आज हमने निर्णय लिया RCSG के बदौलत पूरी हुई हमारी Born in Blood सीरीज पढ़ने का।  और फिर एक घंटे में 5 कॉमिक्स और एक बड़े कप कॉफ़ी का स्वाद लेने का बाद हम बैठ गए लिखने इस सीरीज पर अपने विचार और करने इस कॉमिक्स का अपने dissection hall में चीर-फ़ाड़. Born in blood series में 5 कॉमिक्स है जिसमे कुल 2 कहानियां है। 1. डोगा तेरे कारण और नासूर डोगा - यह कहानी डोगा के अतीत से जुड़े ख्वाबो से शुरू होती है। जहां डोगा पाठको को fourth wall break करते हुए अपने अतीत के कुछ अनजान अध्यायों के बारे में बताता है वही parallel में डोगा के उन्ही किस्सो से मिलती जुलती एक कहानी चलती है। एक लेखक के रूप में संजय गुप्ता और वाही जी की जोड़ी ने एक जबरदस्त कहानी लिखी है जो भावनात्मक रूप से आपको सही गलत सोचने पर मज़बूर करती है। फ्लैशबैक और रियल टाइम में चल र...