बेताल...The ghost who walks, walks again
बचपन में मैं जब भी कॉमिक्स पड़ रहा होता था तो मेरे पिताजी अक्सर बातों बातों में अपने बचपन को याद करने लगते थे और उनके मुंह से अक्षर में इंद्रजाल कॉमिक्स का नाम सुनता था। मेरे पिताजी कॉमिक्स पढ़ने के बहुत शौकीन नहीं है लेकिन बचपन में उन्होंने भी कॉमिक्स का लुत्फ उठाया है। मुझे कॉमिक्स पड़ता देखकर वह हमेशा इंद्रजाल कॉमिक्स के प्रमुख किरदारों बहादुर फैंटम मैंड्रेक और फ्लैश गोर्डन का नाम लिया करते थे। उनकी बातों से मेरा मन अत्यधिक लालायित हो जाता था कि मुझे भी बहादुर और फैंटम इत्यादि की कॉमिक्स पढ़ने को मिले, लेकिन जब मैंने कॉमिक्स पढ़ना शुरू किया तब तक इंद्रजाल कॉमिक्स को डब्बा बंद हुए काफी साल हो चुके थे। फैंटम को पढ़ने की मेरी प्रबल इच्छा काफी हद तक डायमंड कॉमिक्स ने शांत करी लेकिन उस दौर में जेब में चवन्नी और कॉमिक्स के दाम ₹1 हुआ करते थे। इसलिए मैं उस पैमाने पर फैंटम की कहानियों को पूरी तरह enjoy नहीं कर पाया। फैंटम की कहानी पढ़ने की मेरी यह desire, बचपन के आनंद की तरह धीरे-धीरे करके जवानी की जिम्मेदारियों के बोझ तले दबकर मर गई। और फिर 1 दिन फेसबुक पर मुझे यह ज्ञात हुआ की ...